मुख्य बातम्या:
खजरी/डोंगरगांव येथील आदिवासी विकास विद्यालयाचे वार्षिक स्नेहसंमेलन उत्साहात# #मुख्यमंत्री सौर कृषिपंप योजनेत मार्च अखेरपर्यन्त ५० हजार शेतकऱ्यांना वीजजोडणी द्यावी-ऊर्जामंत्री# #एक शाम राष्ट्र के नाम' कवि संमेलन आज - भाजयुमोचे आयोजन# #तिरंग्या”नं दिला स्वयंरोजगार ! बांबूपासून बनवलेला तिरंगा देश-विदेशात# #अर्जुनी मोर व साकोली पं.स.च्या नव्या इमारत बांधकामाला मंजुरी# #सिरोंचा येथील युवकांची राष्ट्रीय कराटे स्पर्धेकरिता निवड# #संघी टाॅपर्स अवॉर्ड समारोह ४ फेब्रुवारीला# #समाजाच्या प्रगतीसाठी संघठीत होणे गरजेचे : खनिज मंत्री जायसवाल# #स्वच्छ शौचालय स्पर्धेत सहभागी होऊन पुरस्कार मिळावा# #आर्थिक लाभासाठी घनकचरा व्यवस्थापन प्रकल्पाला मंजुरी,शासनाची दिशाभूल-राकेश ठाकुर

बुद्ध भूमि उमरी कटंगी में हुआ अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मैत्री सम्मेलन

कटंगी। बौद्ध संगठन को भीमराव आंबेडकर द्वारा शुरू किया गया। इसकी स्थापना 4 मई 1955 को मुंबई महाराष्ट्र में गई थी। 8 मई 1955 को नरे पार्क बॉम्बे में आयोजित एक समारोह में आंबेडकर ने बौद्ध धर्म के प्रचार के लिए इस संगठन की स्थापना की। औपचारिक घोषणा इसका मुख्यालय मुंबई में है। वर्तमान में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में राजरत्न आंबेडकर कार्य कर रहे है वह डॉक्टर आंबेडकर के भाई आनंदराव के प्रपौत्र है। यह अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संगठन वर्ल्ड फैलोशिप ऑफ बुद्धिस्ट का सदस्य हैं। इससे कई भारतीय राज्यों के बौद्ध अनुयायी सदस्य के रूप में जुड़े हुए हैं। इनका आगमन बुद्ध तीर्थ उमरी की पावन भूमि में 17 अक्टूबर को हुआ। इनका स्वागत एनएल मेश्राम व पदाधिकारियों द्वारा किया गया। इन्होंने भगवान तथागत बुद्ध की मूर्ति का पूजन कर कार्यक्रम स्थल पर गए। इस दौरान स्थानीय अध्यक्ष एनएल मेश्राम, राजहंस मेश्राम, राजेश मेश्राम, संजय खोब्रागडे, प्रशांत मेश्राम, आशीष पांडे, तिलक चौकसे, राजेश उके इत्यादि धर्मावलंबियों ने मुख्य अतिथि मंचासीन भंते का पुष्पहारों स्वागत किया।

इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि 14 अक्टूबर 1956 को डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने दीक्षाभूमि नागपुर में अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ बौद्घ धर्म अपनाकर हम सभी को बौद्धिस्ट बनाया है। विश्वभर में भारत को आंबेडकर और बुद्ध के नाम से जाना जाता है। इसलिए विदेशी भी भारत की मिट्टी का सम्मान करते है। विश्व भर के भिक्खु बौद्ध की जन्मस्थली होने के कारण भारत की माटी को अपने साथ ले जाते है उसकी वंदना करते है। वहीं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का दावा करते है वह विदेश यात्रा में कहते है बुद्ध के देश से आया हूं। विश्व के बुद्ध को मानने वाले देशों से बुद्ध के नाम पर कर्ज लेते है। उनके सम्मान में मिलने वाले पैसों का लाभ अदानी और अंबानी जैसे लोगों को दिया जाता है।

सम्मेलन में उपस्थित करीब 2 हजार लोगों को धम्म परिवर्तन के अवसर पर अनुयायियों को 22 प्रतिज्ञाएं दिलाई और कहा कि आज से उन्हें नवजीवन मिल रहा है। डॉक्टर आंबेडकर ने भारत को बौद्धमय बनाने का सपना देखा था और इस सपने को हम सबको मिलकर पूरा करना है। इसके लिए हमें शिक्षा, चुनाव, आर्थिक, महिला सम्मान और धम्म आंदोलन चलाना होगा।सामाजिक और ग्रामीण उद्यमिता विकास समिति उमरी द्वारा आयोजित 62वें धम्म चक्र प्रवर्तन दिवस, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मैत्री सम्मेलन में भदन्त नागघोष नागपूर, भदन्त नागप्रकाश भदन्त पेटीसेन बोधगया, भदन्त रतनसंघ बिहार, भदन्त धम्मबोधी नागपूर उपस्थित रहे। जिन्होंने अनुयायियों को त्रिशरण पंचशील का पाठ कराया। इस मौके पर बौद्ध महासभा द्वारा कटंगी विकासखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और समाज को शव फ्रीजर, एम्बुलेंस भेंट की गई।

Share